सरकारी फिजूलखर्ची पर 'ब्रेक': MP के 11 हजार सरकारी वाहनों पर CM की नजर, अब मंत्रियों और अफसरों के काफिले होंगे छोटे
Updated on
15-05-2026 12:39 PM
भोपाल। मध्य प्रदेश सरकार अब 'मितव्ययिता' के मार्ग पर चलते हुए सरकारी खजाने पर बढ़ते बोझ को कम करने की तैयारी में है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अपील के बाद मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने खुद के काफिले (कारकेड) से वाहनों की कटौती कर एक नई शुरुआत की है।इस पहल का सीधा असर अब प्रदेश के 11 हजार से अधिक सरकारी वाहनों के उपयोग और मंत्रियों की सुविधाओं पर पड़ने वाला है।
मुख्यमंत्री और उप-मुख्यमंत्रियों की पहल
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने अपने कारकेड में वाहनों की संख्या **13 से घटाकर केवल 8** कर दी है। इसी राह पर चलते हुए दोनों उप-मुख्यमंत्रियों (डिप्टी सीएम) ने भी अपने काफिले से 'फॉलो' और 'पायलट' वाहन लौटा दिए हैं। मुख्यमंत्री ने अपने कैबिनेट सहयोगियों को भी स्पष्ट संदेश दिया है कि पेट्रोल-डीजल और अन्य खर्चों में स्वेच्छा से कटौती करें।
भोपाल का 'ईंधन गणित': हर महीने 24 हजार लीटर डीजल का उपयोग
राजधानी भोपाल सरकारी गाड़ियों का सबसे बड़ा गढ़ है। यहाँ के आंकड़े चौंकाने वाले हैं:
गाड़ियों की संख्या: प्रदेश के कुल 11,000 से अधिक वाहनों में से 8,000 वाहन अकेले भोपाल में तैनात हैं।
डीजल की खपत: स्टेट गैराज से इन वाहनों को प्रतिमाह दो टैंकर यानी करीब 24,000 लीटर डीजल सप्लाई किया जाता है।
किसे कितनी पात्रता: वर्तमान नियमों के तहत कैबिनेट मंत्री को 250 लीटर और राज्य मंत्री को 220 लीटर पेट्रोल/डीजल प्रतिमाह मिलता है। हालांकि, जिले के दौरों पर खर्च की कोई अधिकतम सीमा तय नहीं है।
वित्त विभाग ने लिए 4 बड़े फैसले
1. नई गाड़ियों की खरीद पर बैन: पुलिस, राजस्व और वन विभाग जैसे आवश्यक सेवाओं को छोड़कर अब किसी भी विभाग में नए वाहन नहीं खरीदे जा सकेंगे।
2. ईवी (EV) पर फोकस: अब निजी एजेंसियों से किराए पर पेट्रोल-डीजल गाड़ियां लेने के बजाय इलेक्ट्रिक वाहनों (Electric Vehicles) को टैक्सी के तौर पर लिया जाएगा।
3. विदेश यात्राओं पर रोक: पिछले 8 महीनों से शासकीय सेवकों की विदेश यात्राओं पर पूर्ण प्रतिबंध लगा हुआ है, जिसे आगे भी जारी रखा जाएगा।
4. किफायती वाहनों का उपयोग: कम ईंधन खपत वाले वाहनों के उपयोग के लिए जल्द ही नई गाइडलाइन जारी की जाएगी।
क्या होगा असर?
सरकार की इस सख्ती से न केवल राजस्व की बचत होगी, बल्कि पर्यावरण संरक्षण की दिशा में भी 'इलेक्ट्रिक व्हीकल्स' का उपयोग एक बड़ा कदम साबित होगा। मंत्रियों के काफिले छोटे होने से न केवल ईंधन बचेगा, बल्कि सड़कों पर 'वीआईपी कल्चर' के कारण लगने वाले जाम से भी जनता को राहत मिलेगी।
भोपाल। इंदौर के भागीरथपुरा में दूषित पेयजल से 35 लोगों की मृत्यु के बाद भी अधिकारी सीएम हेल्पलाइन में आई शिकायतों के निराकरण में गंभीर नहीं हो रहे हैं। अकेले…
भोपाल। राजधानी के ऐशबाग थाना क्षेत्र में एक 17 वर्षीय छात्रा द्वारा फांसी लगाकर आत्महत्या करने का सनसनीखेज मामला सामने आया है। परिजनों का आरोप है कि दो युवक सोशल…
भोपाल। प्रदेश पुलिस ने तकनीकी क्षेत्र में एक नया इतिहास रच दिया है। इंदौर स्थित पुलिस रेडियो ट्रेनिंग स्कूल (पीआरटीएस) परिसर में प्रदेश के पहले और देश के दूसरे ड्रोन…
भोपाल। मध्य प्रदेश सरकार ने जिला खनिज प्रतिष्ठान (DMF) नियमों में ऐतिहासिक संशोधन करते हुए यह साफ कर दिया है कि खदानों से निकलने वाली राजस्व राशि का सबसे पहला…
भोपाल। मध्य प्रदेश में वाहन चालकों और नए वाहन मालिकों से परिवहन विभाग प्रति कार्ड करीब 200 रुपए की फीस तो वसूल रहा है, लेकिन बदले में उन्हें फिजिकल स्मार्ट…
भोपाल। प्रदेश में स्वामित्व योजना के अंतर्गत ग्रामीण क्षेत्रों में आबादी की भूमि की रजिस्ट्री महिलाओं के नाम होगी। यह निश्शुल्क की जाएगी। राजीव गांधी प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय (आरजीपीवी) को तीन…
भोपाल। मध्य प्रदेश ने केंद्र सरकार की दो बेहद महत्वाकांक्षी योजनाओं के क्रियान्वयन में पूरे देश में बाजी मारी है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने बताया कि मध्य प्रदेश 'प्रधानमंत्री…
भोपाल। गोविंदपुरा इलाके में शुक्रवार को एक निजी भूखंड खाली कराने पहुंचे परिवार पर झुग्गीवासियों द्वारा हमला किए जाने का मामला सामने आया है। घटना के दौरान जिला प्रशासन और…