अमेरिकी सेना का ईरान पर हमला, केशम और बंदर अब्बास में सैन्य ठिकानों को बनाया निशाना, ट्रंप बोले- जल्द साइन करो डील
Updated on
08-05-2026 11:52 AM
वॉशिंगटन/तेहरान: अमेरिका सेना ने कहा है कि उसने ईरान के सैन्य ठिकानों पर हमले किए हैं। अमेरिकी सेनी ने बताया कि ये हमले आत्मरक्षा में किए गए थे। हमलों में ईरान के उन सैन्य ठिकानों को निशाना बनाया गया जो होर्मुज जलडमरूमध्य से गुजर रहे जंगी जहाजों पर बिना किसी उकसावे के हमले करने के लिए जिम्मेदार थे। मध्य पूर्व में अमेरिकी सैन्य ऑपरेशन की निगरानी करने वाले अमेरिकी सेंट्रल कमांड ने इन हमलों के बारे में जानकारी दी है।
सेंट्रल कमांड ने एक बयान में कहा, 7 मई को जब अमेरिकी नेवी के गाइडेड मिसाइल विध्वंसक होर्मुज जलडमरूमध्य से ओमान की खाड़ी की ओर जा रहे थे, तब ईरानी सेना ने कई मिसाइलें, ड्रोन और छोटी नावें लॉन्च कीं। अमेरिकी सेना ने बिना किसी उकसावे वाले हमलों को रोका और अपनी सुरक्षा में जवाबी हमले किए।
ट्रंप ने दी ईरान को चेतावनी
सेंट्रल कमांड ने बताया कि उसने आने वाले खतरों को बीच में ही रोक दिया और अमेरिका की किसी भी संपत्ति को कोई नुकसान नहीं पहुंचा। इन हमलों के बाद राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान को चेतावनी दी कि वह तनाव को न बढ़ाए और जल्द ही एक समझौता करे। ट्रंप ने ट्रुथ सोशल पर लिखा, अगर उन्होंने जल्दी से समझौते पर हस्ताक्षर नहीं किया, तो भविष्य में हम उन्हें और भी जोरदार और हिंसक तरीके से खत्म कर देंगे।
ट्रंप ने कहा कि "तीन विश्वस्तरीय डेस्ट्रॉयर अभी-अभी बहुत की सफलतापूर्वक गोलीबारी के बीच होर्मुज जलडमरूमध्य से बाहर निकल गए। तीनों डेस्ट्रॉयर को कोई नुकसान नहीं पहुंचा, लेकिन ईरानी हमलावरों को भारी नुकसान पहुंचा। वे कई छोटी नावों के साथ तबाह हो गए।"
बंदर अब्बास और केशम पर अमेरिकी हमला
CNN ने एक अमेरिकी अधिकारी के हवाले से बताया कि सेंट्रल कमांड ने बंदर अब्बास और केशम समेत कई जगहों पर सैन्य हमले किए गए। सेंट्रल कमांड ने अपने बयान में कहा कि जब अमेरिकी विध्वंसक जहाज USS Truxtun (DDG 103), USS Rafael Peralta (DDG 115), और USS Mason (DDG 87) होर्मुज जलडमरूमध्य को पार कर रहे थे, तब ईरानी सेना ने कई मिसाइलें, ड्रोन और छोटी नावें लॉन्च कीं। अमेरिकी संपत्ति को कोई नुकसान नहीं पहुंचा।
ट्रंप ने ईरानी नेतृत्व को बताया पागल
ट्रंप ने ईरान पर हमला बोलते हुए उसके नेतृत्व को पागल करार दिया। उन्होंने कहा, "एक सामान्य देश इन डेस्ट्रॉयर को गुजरने देता, लेकिन ईरान एक सामान्य देश नहीं नहीं है। उनका नेतृत्व पागलों के हाथ में है। अगर उन्हें परमाणु हथियार इस्तेमाल करने का मौका मिलता तो वे बिना किसी हिचकिचाकट के ऐसा कर देते।" ट्रंप ने आगे लिखा, "उन्हें वह मौका कभी नहीं मिलेगा। ठीक वैसे ही जैसे हमने आज उन्हें करारा जवाब दिया, भविष्य में हम उन्हें और भी ज्यादा जोरदार और हिंसक तरीके से जवाब देंगे। अगर वे जल्दी से जल्दी डील साइन नहीं करते हैं।"
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